संकल्प मुद्रा

sankalpa mudra

विवरण: अपनी बाईं हथेली के ऊपर दाहिनी हथेली रखें और उन्हें जोड़कर रखें। किसी भी ध्यान का मूल आधार ‘संकल्प’ ही है। संकल्प के बिना किया गया ध्यान अधूरा माना जाता है। इसलिए, ध्यान की प्रक्रिया शुरू करने से पहले मन में एक स्पष्ट लक्ष्य और उस लक्ष्य को प्राप्त करने का दृढ़ निर्णय होना चाहिए।

प्रभाव और लाभ: इस मुद्रा का अभ्यास करने से साधक के मस्तिष्क और शरीर में एक विशेष कंपन या तरंगें उत्पन्न होती हैं। यह न केवल व्यक्ति में आत्मविश्वास बढ़ाता है बल्कि स्वयं निर्णय लेने की क्षमता को भी मजबूत करता है। अपनी आंतरिक प्रेरणा के माध्यम से, व्यक्ति अपने निर्धारित लक्ष्य तक पहुँचने में सफल होता है।

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