कशेरु मुद्रा

kasheru mudra

कशेरु मुद्रा (रीढ़ की हड्डी के लिए मुद्रा / बेन्नु मुद्रे)

विवरण और अभ्यास विधि:

दाहिने हाथ की स्थिति: अपने दाहिने हाथ के अंगूठे, मध्यमा (middle finger) और कनिष्ठा (छोटी उंगली) के पोरों को एक साथ मिलाकर हल्के से स्पर्श करें। इस दौरान तर्जनी और अनामिका उंगलियों को मोड़े बिना सीधा रखें।

बाएं हाथ की स्थिति: अपने बाएं हाथ के अंगूठे के पोर को बाएं हाथ की ही तर्जनी (index finger) उंगली के नाखून के ऊपर दबाते हुए रखें, जैसा कि चित्र में प्रदर्शित है।
इस मुद्रा का अभ्यास रोजाना नियमित रूप से तीन बार, प्रत्येक बार 5 मिनट की अवधि के लिए करें। यदि रीढ़ या पीठ की समस्या अत्यधिक गंभीर हो, तो सकारात्मक और असरदार परिणाम मिलने तक इस मुद्रा का अभ्यास लंबे समय तक जारी रखा जा सकता है।

शारीरिक और मानसिक लाभ:
·कठिन शारीरिक परिश्रम वाले कार्यों के कारण जब पीठ में अत्यधिक थकान हो जाती है, या गलत तरीके से (गलत पोस्चर में) लंबे समय तक बैठे रहने के कारण पीठ या रीढ़ में दर्द उठ जाता है, तब यह मुद्रा बेहतरीन राहत और उपचार प्रदान करती है।
·शारीरिक कारणों के अलावा, निरंतर मानसिक तनाव, बेवजह का डर, अत्यधिक भोजन करना, अधूरी नींद (अनिद्रा) और शारीरिक व्यायाम की कमी भी पीठ दर्द के मुख्य कारण होते हैं; यह मुद्रा इन सभी अंदरूनी दोषों को दूर करने में सहायक है।

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