हाकिनी मुद्रा

hakini

हाकिनी मुद्रा
विवरण और विधि: हाकिनी हमारे भौंहों के बीच स्थित आज्ञा चक्र की अधिष्ठात्री देवी हैं। इस मुद्रा को करने के लिए दोनों हाथों की उंगलियों के पोरों (tips) को एक-दूसरे से छूते हुए आपस में जोड़ें। इस अभ्यास के लिए समय का कोई विशेष बंधन नहीं है, इसे कभी भी किया जा सकता है।
जब भी आपको कोई बात याद करनी हो, तो इस मुद्रा को बनाकर अपनी आंखों से ऊपर की ओर देखें। सांस लेते समय अपनी जीभ की नोक को ऊपर के मसूड़ों के पिछले हिस्से (तालू) से स्पर्श कराएं और सांस छोड़ते समय जीभ को नीचे ले आएं। इसके बाद गहरी और लंबी सांस लें।

लाभ:
·हाकिनी मुद्रा के निरंतर अभ्यास से आपकी स्मरण शक्ति (Memory) में उल्लेखनीय सुधार होता है और वह तेज होती है।
·किसी विषय पर लंबे समय तक गहराई से विचार करते समय, नई योजनाओं या कार्ययोजनाओं का खाका तैयार करते समय, अथवा पढ़ी हुई चीजों को दोबारा याद करने के लिए यह बहुत फायदेमंद है।
·शोधकर्ताओं के अनुसार, यह मुद्रा मस्तिष्क के बाएं और दाएं गोलार्धों (Left and Right Hemispheres) के बीच बेहतरीन संतुलन पैदा करती है। यह श्वसन क्रिया को नियंत्रित कर मस्तिष्क को नई ऊर्जा और शक्ति से भर देती है।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
care

Care