प्राण मुद्रा

Hastha Mudra hand Mudra Gestures It boosts vital life energy, instantly reducing physical exhaustion and lethargy. ·It helps in improving eyesight and maintaining overall eye health.

प्राण मुद्रा

विवरण

इस मुद्रा का अभ्यास दोनों हाथों से अलग-अलग एक साथ किया जाना चाहिए। अपने अंगूठे, अनामिका (ring finger) और कनिष्ठा (little finger) के पोरों (tips) को एक साथ मिलाकर स्पर्श करें। शेष दोनों उंगलियों (तर्जनी और मध्यमा) को सीधा और शिथिल छोड़ दें। अपनी व्यक्तिगत आवश्यकता के अनुसार प्रतिदिन लगभग 20 मिनट तक इसका नियमित अभ्यास किया जा सकता है।

महत्व और लाभ

  • प्राण मुद्रा हमारे शरीर के मूलाधार चक्र को जाग्रत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह शरीर में जीवन शक्ति (Energy) को बढ़ाती है और शारीरिक थकान एवं आलस्य को तुरंत कम करती है।
  • यह आंखों की रोशनी में सुधार करने और आंखों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में सहायक है।
  • ·मानसिक और भावनात्मक स्तर पर, यह व्यक्ति में स्थिरता और एक दृढ़ दृष्टिकोण (आत्मविश्वास) विकसित करती है। स्वच्छ और चमकदार आंखें हमारे निर्मल मन और सकारात्मक भावनाओं की प्रतीक हैं।
  • गहरी और लंबी सांसों के साथ इस मुद्रा का प्रतिदिन अभ्यास करने से शरीर की दुर्बलता और कमजोरी दूर होती है और बल की प्राप्ति होती है।
  • इस विशेष मुद्रा को योग साधना के दौरान अन्य मुद्राओं के साथ मिलाकर भी अभ्यास किया जा सकता है।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
care

Care