पंचमुखी मुद्रा

panchamukhi mudra

पंचमुखी मुद्रा

विवरण

इस मुद्रा को ‘शिव सान्निध्य मुद्रा’ के नाम से भी पहचाना जाता है। जैसा कि चित्र में बताया गया है, अपनी दोनों हथेलियों की उंगलियों के पोरों (tips) को एक-दूसरे के आमने-सामने रखें। ध्यान देने योग्य मुख्य बात यह है कि भले ही उंगलियों के सिरे एक-दूसरे के विपरीत हों, लेकिन उनके बीच थोड़ी दूरी बनी रहनी चाहिए (वे एक-दूसरे को स्पर्श नहीं करने चाहिए)।

लाभ

 इस विशेष हस्त मुद्रा का अभ्यास करने से, साधक अपनी ध्यान की अवस्था में उच्च स्तर की एकाग्रता या पूर्णता प्राप्त कर सकता है।

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