मत्स्य मुद्रा

matsya mudra

विवरण: एक हथेली के पिछले हिस्से (पृष्ठ भाग) पर दूसरी हथेली रखें। इस स्थिति में दोनों अंगूठों को एक-दूसरे से दूर फैलाकर रखें। यदि हम इस संपूर्ण ब्रह्मांड की तुलना एक विशाल सरोवर से करें, तो इसमें मौजूद ‘अरिषड्वर्ग’ (काम, क्रोध, लोभ, मोह, मद, मत्सर) गंदी कीचड़ के समान हैं। इन नकारात्मक भावनाओं के बंधन से मुक्ति पाने के लिए मत्स्य मुद्रा हमें मार्ग दिखाती है।

लाभ: किसी भी ध्यान प्रक्रिया को शुरू करने से पहले कुछ मिनट तक इस मुद्रा का अभ्यास करने से अपने चंचल मन को नियंत्रण में लाना संभव हो जाता है।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
care

Care