मुकुल मुद्रा

mukula mudra

विवरण: अपने हाथ की चारों उंगलियों के पोरों (tips) को एक साथ लाएं और उन्हें अंगूठे के पोर से स्पर्श कराएं। ऐसा करने पर हाथ की आकृति एक कली (மொగ్ಗು) के समान बन जाती है। शरीर के जिस हिस्से में प्राणशक्ति की कमी हो या चिकित्सा की आवश्यकता हो, इन जुड़ी हुई उंगलियों के पोरों को ठीक उसी स्थान पर रखें। इस मुद्रा का अभ्यास दोनों हाथों से एक साथ किया जा सकता है।

लाभ:
·मानव शरीर के किसी भी विशेष हिस्से में ऊर्जा की कमी होने पर, उस स्थान को पुनर्जीवित (Revitalize) करने और वहां संतुलन वापस लाने के लिए यह मुद्रा एक अचूक रामबाण है।
·यह पूरे शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता और हीलिंग (स्वस्थ करने वाली) शक्ति को केंद्रित रूप से प्रवाहित करने में मदद करती है।

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