नाग मुद्रा

naga mudra

विवरण: अपने दोनों हाथों को अपने सीने के पास कैंची के आकार में रखें। इसके बाद अपने दोनों अंगूठों को एक-दूसरे के ऊपर आने दें। इस हस्त मुद्रा को कई लोग ‘अंतरात्मा की जागरूकता की मुद्रा’ या ‘अंतःप्रज्ञान की मुद्रा’ कहते हैं। जब हम आध्यात्मिक मार्ग पर चलते हैं, तो हमें सांसारिक जगत की कई बाधाओं और चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसी दुविधाओं पर विजय प्राप्त करके ही हम अपने लक्ष्य की ओर बढ़ सकते हैं और जीवन के परम उद्देश्य तक पहुँच सकते हैं।

लाभ: दैनिक जीवन में आने वाली कई उलझनों और समस्याओं का समाधान इस नाग मुद्रा के माध्यम से पाया जा सकता है। हमारी भविष्य की योजनाओं या आध्यात्मिकता के मार्ग पर उत्पन्न होने वाले कई प्रश्नों के सटीक उत्तर प्राप्त करने के लिए यह मुद्रा और ध्यान अत्यंत सहायक है।

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