व्यान मुद्रा

vyana mudra

व्यान मुद्रा (रक्त प्रवाह और मानसिक शांति की मुद्रा)

विवरण और अभ्यास विधि

अपनी तर्जनी (index finger) और मध्यमा (middle finger) उंगलियों के पोरों को अंगूठे के पोर से एक साथ मिलाकर हल्के से स्पर्श करें। बाकी बची दोनों उंगलियों (अनामिका और कनिष्ठा) को बिना मोड़े बिल्कुल सीधा फैलाकर रखें। इस मुद्रा का अभ्यास शांत मन और गहरी सांसों के साथ करना उचित होता है।

शारीरिक और आंतरिक लाभ

  • यह मुद्रा शरीर के रक्तचाप को संतुलित बनाए रखने में मदद करती है, विशेष रूप से उच्च रक्तचाप (High Blood Pressure) की समस्या को बेहद प्रभावी ढंग से नियंत्रित करती है।
  • जब भी मानसिक शांति की कमी महसूस हो, या अत्यधिक चिंता और मानसिक तनाव घेरे हुए हो, तब इस मुद्रा का अभ्यास मन को तुरंत शांत स्थिति में ले आता है।
  • अनिद्रा (नींद की कमी) और अत्यधिक शारीरिक व मानसिक थकान के कारण होने वाले आलस्य को यह पूरी तरह दूर कर शरीर में नई स्फूर्ति का संचार करती है।

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