धन मुद्रा

dhana udra

धन मुद्रा (सम्पन्नता और समृद्धि की मुद्रा)

विवरण और अभ्यास विधि:
अपने दोनों हाथों की हथेलियों को पास लाकर आपस में जोड़ें। इस स्थिति में दोनों अंगूठे सीधे आपके चेहरे की ओर होने चाहिए। केवल तर्जनी (index fingers) उंगलियों को बाहर की ओर सीधा रखें। जैसा कि चित्र में दिखाया गया है, बाकी बची हुई अन्य सभी उंगलियों को एक-दूसरे के भीतर अच्छी तरह से फंसा लें (इंटरलॉक करें)। ऐसा करने से हाथों का आकार एक थैली या पात्र जैसा बन जाएगा।
सुख-समृद्धि और धन-धान्य की प्राप्ति के लिए पूर्ण एकाग्रता के साथ अपने इष्टदेव का ध्यान करें।

लाभ:
इस मुद्रा का रोजाना कम से कम 10 मिनट तक अभ्यास करने से दैवीय कृपा और आशीर्वाद की प्राप्ति होती है। इससे दरिद्रता का नाश होता है और जीवन में ऐश्वर्य तथा समृद्धि बढ़ने का सुखद अनुभव प्राप्त होता है।

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