शून्य मुद्रा

shoonya

शून्य मुद्रा (आकाश तत्व संतुलन की मुद्रा)

विवरण और अभ्यास विधि

अपने दोनों हाथों की मध्यमा (middle finger) उंगली को मोड़ें, ताकि उसका पोर (tip) अंगूठे के निचले हिस्से (जड़) को स्पर्श करे। इसके बाद, अंगूठे को मुड़ी हुई मध्यमा उंगली के ऊपर रखते हुए हल्का सा दबाव बनाएं। बाकी बची हुई अन्य तीनों उंगलियों को बिना किसी तनाव के बिल्कुल सीधा और खुला रखें। इस मुद्रा का नियमित रूप से दिन में तीन बार, प्रत्येक बार 15 मिनट की अवधि के लिए अभ्यास करना सबसे उपयुक्त माना जाता है।

शारीरिक लाभ

  • यह मुद्रा कान से संबंधित विभिन्न प्रकार की समस्याओं और विकारों को दूर करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
  • विशेष रूप से कान के तेज दर्द (Earache) और बहरेपन या कम सुनाई देने जैसी गंभीर श्रवण कमियों (Hearing defects) को ठीक करने में यह मुद्रा अद्भुत राहत और समाधान प्रदान करती है।

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