कुबेर मुद्रा

kubera mudra for success, internal peace and confidence

कुबेर मुद्रा

विवरण 

अपने अंगूठे, तर्जनी (index finger) और मध्यमा (middle finger) के पोरों को आपस में जोड़ें। बाकी बची दो उंगलियों (अनामिका और कनिष्ठा) को मोड़ लें, ताकि उनके पोर आपकी हथेली के मध्य भाग को स्पर्श करें। इस मुद्रा का अभ्यास दोनों हाथों से एक साथ करना चाहिए। आप इसे कितने समय तक करते हैं, इससे अधिक महत्वपूर्ण यह है कि आप इसे कितनी एकाग्रता और तीव्रता के साथ करते हैं।

लाभ और विशेषताएं

  • यह मुद्रा हमारे मन की इच्छाओं और मनोकामनाओं को पूरा करने का एक शक्तिशाली साधन है।
  • यदि आप इस मुद्रा के साथ ध्यान में पूरी तरह से लीन होकर अपने लक्ष्यों, महत्वाकांक्षाओं, योजनाओं या उस स्थिति को स्पष्ट रूप से मन में साकार (Visualize) करते हैं जिसे आप हासिल करना चाहते हैं, तो बहुत जल्द ही बेहतरीन परिणाम मिलते हैं।
  • ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यह मंगल (कुज), गुरु और शनि ग्रहों की ऊर्जा को एक साथ लाकर साधना करने में मदद करती है। इस मुद्रा के माध्यम से मानो हम इन तीनों ग्रहों की अद्भुत शक्ति को अपने भीतर आमंत्रित करते हैं।
  • यह व्यक्ति में आंतरिक शांति और संतोष को बढ़ाने के साथ-साथ आत्मविश्वास (Self-confidence) को भी काफी हद तक मजबूत करती है।

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